Rules & Regulations
1. माँ कमला देवी श्री पीताम्बरा विद्यापीठ शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश प्राप्त प्रत्येक प्रशिक्षु को शैक्षिक कार्यक्रम के प्रति लोकाचार अनिवार्य रूप से बनाए रखना होगा। उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वह हर क्षेत्र में अपना एक सुनिश्चित लक्ष्य निर्धारित करें और साथ ही वह जहाँ भी रहें उत्तरदायित्वपूर्ण और मर्यादित आचरण का प्रदर्शन करें।
2. संस्थान दूरभाश कार्यालयी अवधि में प्रातः 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक उपलब्ध रहेगा।
3. विश्वविद्यालयों / परीक्षा नियामक प्राधिकरण / शासन के नियमानुसार प्रशिक्षुओं के लिए सभी विषयों की कक्षाओं में 75: उपस्थिति होना अनिवार्य है। संस्थान प्रशिक्षुओं से यह भी अपेक्षा करता है कि सभी प्रशिक्षु कक्षा में उपस्थित रहें। जो प्रशिक्षु गंभीर कारणों, जैसे व्यक्तिगत बीमारी, आदि के कारण कक्षा में अनुपस्थित रहते हैं, तो प्राचार्य या उनके प्रतिनिधि के निर्णयानुसार आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करनी होगी। जिस प्रशिक्षु की उपस्थिति किसी भी कारण से 75 से कम होगी उसे विश्वविद्यालय की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी।
4. आपातकाल की स्थिति में जैसे गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर माता -पिता / अभिभावकों को चाहिए कि वे संस्थान कार्यालय को इसकी सूचना तत्काल दें और जब प्रशिक्षु पुनः संस्थान आना शुरू करें, तो उसे कार्यालय में आवश्यक कागजात जमा करने होंगे। जैसे डॉक्टर द्वारा प्रदत्त स्वस्थ्य प्रमाण पत्र, दवा तालिका इत्यादि। (सेमेस्टर / वर्ष के अन्त में ऐसे कागजात स्वीकार्य नहीं होंगे)
5. प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे व्याख्यान, शिक्षा संबंधी और संस्थान के कार्यक्रमों के लिए समय पर उपस्थित हों। एक प्रशिक्षु को एक माह में मात्र एक बार प्रथम व्याख्यान में विलम्ब से आने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए उसे प्राचार्य / प्रशासनिक अधिकारी से विलम्ब की पर्ची लेकर कक्षा में जाना पड़ेगा। ऐसी परिस्थिति में उसे कक्षा में उपस्थिति प्राप्त होगी। यदि कोई प्रशिक्षु माह में एक बार से अधिक विलम्ब हो, तो उसे अपनी कक्षा के शिक्षक से अनुमति लेकर कक्षा में बैठना होगा, परन्तु उसे हाजिरी नहीं मिलेगी। इसके लिए प्रशिक्षु को प्राचार्य के पास जाने की जरूरत नहीं है।
6. कक्षा में शारीरकि रूप से उपस्थित होना पर्याप्त नहीं है। प्रशिक्षुओं को कक्षा में अनुशासन बनाए रखना होगा। किसी भी तरह की अनुशासनहीनता उनके शीघ्र निलम्बन का कारण बन सकती है और उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।
7. प्रशिक्षुओं को सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, विचारगोष्ठी, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, निबन्ध प्रतियोगिता, खेल-कूद, सामाजिक सेवाकार्य, प्रदर्शन कार्यक्रम, अध्यात्मिक एन०एस०एस० / स्काउट गाइड, साधना आदि सभी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य है।
8. किसी भी कक्षा अथवा सामुदायिक जीवन संबंधी गतिविधियों या संस्थान के काई अन्य कार्यक्रमों में अनुपस्थिति के लिए प्राचार्य की पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
9. संस्थान की कक्षाओं तथा गतिविधियों की निर्धारित अवधि के समय किसी बाह्रय कार्यक्रम में संलग्न होने की वचनबद्धता नहीं होनी चाहिए।
10. आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक प्रशिक्षु को अवकाश हेतु आवेदन करना अपेक्षित है। अतिआवश्यक परिस्थिति में, आपातकालीन समय में यदि कोई प्रशिक्षु अवकाश हेतु आवेदन नहीं कर सकता/सकती हो तो वह संस्थान के ई.मेल पर अथवा संस्थान के मोबाइल नम्बर पर एक संदेश के माध्यम से सूचना अवश्य भेजे। इसके बाद कक्षा के शुरुआती दिनों में उक्त से सम्बन्धित उचित दस्तावेज अथवा स्वास्थ्य संबंधी कागजात अवश्य प्रस्तुत करें।
11. संस्थान में मोबाइल फोन का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबन्धित है और यदि साथ में हो तो वह बंद रहने की स्थिति में रहे। इस नियम के उल्लंघन पर मोबाइल फोन जब्त किया जा सकता है अथवा अर्थदण्ड लिया जा सकता है अथवा दोनों किये जा सकते है।
12. प्रशिक्षु प्रतिदिन संस्थान द्वारा निर्धारित गणवेश में ही उपस्थित होंगे अन्यथा संस्थान में प्रवेश की अनुमति नही होगी।
13. प्रत्येक प्रशिक्षु को संस्थान परिसर में अनिवार्य रूप से अपना परिचय पत्र अपने गले में पहने रखना होगा। संस्थान के किसी भी अधिकारी के माँगे जाने पर उसे निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करना होगा।
14. प्रथम बार परिचय पत्र खो जाने पर उसकी पूरी कीमत देनी होगी और दूसरी बार खो जाने पर दोगुनी कीमत देनी होगी। किन्तु बिना परिचय पत्र के संस्थान में प्रवेश की अनुमति नही होगी।
15. अपने मूल प्रमाण पत्रों को कार्यालय से ले जाने पर प्रशिक्षुओं को अपना परिचय पत्र कार्यालय में जमा करना होगा। साथ ही प्रमाण पत्र वापसी की समस्त कार्यवाही अवश्यक रूप से पूरी करनी होगी।
16. प्रशिक्षण के दौरान संस्थान के अन्दर अथवा बाहर किसी भी प्रशिक्षु को किसी से भी भेंट करने की अनुमति नहीं होगी ।
17. संस्थान में प्राचार्य की अनुमति के बिना न तो किसी तरह की बैठक का आयोजन होगा और न ही उनकी अनुशंसा के बिना किसी तरह का कार्यक्रम किया जायेगा।
18. कोई भी प्रशिक्षु प्राचार्य की अनुमति के बिना संस्थान परिसर से बाहर नही जायेगा। यदि आवश्यक है तो प्राचार्य की अनुमति अनिवार्य होगी।
19. रैगिंग एक दण्डनीय अपराध है। जो ऐसे कार्य में लगे हुए पाये जायेंगे उनको संस्थान से अविलम्ब निष्कासित किया जायेगा और उन पर कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। संस्थान में अभद्र भाषा, दुर्व्यवहार, अपशब्दों का प्रयोग सर्वथा अनुचित है। ऐसा करने पर संस्थान सख्ती से पेश आयेगा और ऐसे प्रशिक्षुओं को संस्थान से निष्कासित भी किया जा सकता है।
20. किसी भी प्रशिक्षु को नशीले पदार्थ के प्रभाव की स्थिति में संस्थान में आना सख्त मना है और यदि ऐसी स्थिति में वह पाया गया तो उसके प्रति गंभीर अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी। संस्थान के परिसर में तम्बाकू या इस तरीके के पदार्थो का सेवन पूर्णतः वर्जित है।
21. अपना या अपने माता-पिता के घर का पता या मोबाइल नम्बर बदलने पर संस्थान कार्यालय को तुरन्त सूचित करें । अन्यथा कोई भी महत्वपूर्ण सूचना से यदि आप वंचित होते हैं तो सम्पूर्ण उत्तर दायित्व आप का होगा ।
22. प्रशिक्षुओं को अपने प्रमाण पत्रों की कम से कम दो छायाप्रतियाँ अपने साथ रखने का निर्देश दिया जाता है संस्थान कार्यालय से ऐसी कोई छायाप्रति किसी भी कारण से नहीं दी जायेगी ।
23. यदि किसी प्रशिक्षु को संस्थान के किसी अन्य प्रशिक्षु या प्राध्यापक / प्राध्यापिका से शिकायत हो तो वह अपनी शिकायत संस्थान द्वारा गठित समिति के माध्यम से प्राचार्य तक पंहुचा सकता है। इसको दरकिनार कर वह सीधे बाह्रय एजेंसी से सम्पर्क नहीं कर सकता/सकती और यदि कोई प्रशिक्षु ऐसा करता / करती है तो उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, यहाँ तक कि उसे संस्थान से निश्कासित भी किया जा सकता है।
24. संस्थान द्वारा प्रशिक्षु संसद के रूप में संस्थान प्रतिनिधि, हेड ब्वाय, हेड गर्ल, व लीडर का चुनाव किया जाता है। जिसके द्वारा प्रशिक्षु अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं।
25. संस्थान द्वारा जारी समय-समय पर आवश्यक दिशा निर्देश सभी के लिए मान्य होगे।
